आन्ध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार कौन चला रहा है [Andhra Pradesh :wovaisi & Congress]

आन्ध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार कौन चला रहा है ? कांग्रेस या ओबैसी ? या दोनों मिलकर ? जिस नरपिशाच मोहम्मद अब्दुल कादिर नामक कांस्टेबल ने 1990 मे हैदराबाद मे भडकी भयानक दंगे के दौरान जब पुलिस इंस्पेक्टर ने इसे दंगो को नियन्त्रित करने के लिए मुस्लिम दंगाई भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया तो इसने दंगाईयों के बजाय उस इंस्पेक्टर को ही गोलियों से भून दिया था | लेकिन आंध्रप्रदेश की कांग्रेस सरकार ओबैसी के आदेश से इसे बार बार पेरोल क्यों दे रही है ?

चित्र में जिसे को आप देख रहे है उसका नाम है मोहम्मद अब्दुल कादीर है. यह भूतपूर्व पुलिस कांस्टेबल है.
१९९० में हैदराबाद में दंगा हुआ उस दंगे में जब इसका सीनियर इसे एक दंगाई मुस्लिम भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया तो ये भीड़ पर गोली चलाने के बजाय उस सीनियर पर ही गोली चला दी. न्यायालय के द्वारा इसे आजीवन कारावास की सजा मिली है लेकिन अभी इसकी क्षमा याचना रास्ट्रपति के पास है. इसको छुड़ाने के लिए बहुत से मुस्लिम संगठन लगे हुए है. |

मित्रों, आन्ध्र की पहले की टीडीपी सरकार ने इसे एक मिनट भी पेरोल नही दिया, लेकिन आज की कांग्रेस सरकार इसे ओबैसी के कहने पर बार बार पेरोल पर रिहा कर रही है और इतना ही नही इसके पेरोल को बार बार बढाती भी रहती है |

मित्रों, ये दोनों ओबोसी असदुद्दीन ओबैसी जो हैदराबाद से सांसद है और अकबरुद्दीन ओबैसी जो हैदराबाद के चारमिनार से विधायक है इन दोनों का मुख्य मकसद भारत को इस्लामिक राष्ट्र घोषित करना है | 
अगर आप इनकी पार्टी मजलिसे ईतेहादुल मुस्लिम [MIM] के सम्मेलनो के वीडियो यूट्यूब पर देखेंगे तो ये बार बार कहते है कि भारत को इस्लामिक देश बनाना ही मुस्लमानों का प्रथम उद्देश्य होना चाहिए |

ये अकबरुद्दीन ओवैसीने कई बार हिंदूधर्म और हिंदू देवी देवताओ के बारे मे खुले मंच से बहुत ही अभद्र बाते कहीं है लेकिन राहुल और सोनिया इसे गलत नही मानते क्योकि इसने हिन्दुओ के देवी देवताओ को अपमानित किया है | आप इस वीडियो को देखे , इसमें ये नीच ओवैसी भगवान राम और उनकी माँ कौशल्यादेवी पर किस तरह अश्लील और अभद्र बाते कह रहा है |



लेकिन  राहुल और सोनिया तो यही चाहते है किभारत से हिंदुत्व खत्म हो जाये और हिन्दुओ को बार बार अपमानित किया जाये |

मित्रों, अभी कुछ दिन पहले इस अकबरुद्दीन ओवैसी पर जानलेवा हमला हुआ, मजे की बात ये की हमलावर भी मुस्लिम ही था जिसका वेशकीमती घर इन ओवैसी बंधुओ ने कब्जा कर लिया था |
इसका हालचाल लेने के लिए सोनिया गाँधी ने मुख्यमंत्री सहित पूरी आन्ध्रप्रदेश सरकार को उसके घर भेजा था और तो और केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद भी स्पेशल प्लेन से हैदराबाद उसका हालचाल लेने गए थे | 
मित्रों  जब बाला साहेब ठाकरे की धर्मपत्नी और उनके पुत्र की एकमहीने के भीतर ही दुखद मृत्यु हुआ था तब तात्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा मातोश्री बाला साहेब को सात्वना देने गए थे तब लेफ्ट, सपा, और कांग्रेस ने संसद मे बहुत हंगामा मचाया था कि एक साम्प्रदायिक नेता के घर प्रधानमंत्री सात्वना देने क्यों गए ? और तो और उस समय शरद पवार कांग्रेस मे थे और जब शरद पवार गए तो कांग्रेस ने उनसे नोटिस देकर पूछा कि आप क्यों गए ?

आखिर इतना दोगलापन क्यों ? एक कट्टर मुस्लिम जिसके सैकडो भड़काऊ भाषण आज भी यू ट्यूब पर भरे पड़े है और जो संसद मे मुसलमानों को इस देश की ईंट से ईंट बजा देने का आह्वान करता है उसके घर जाना क्या कांग्रेस गलत नही समझती ? 
आन्ध्र के उपमुख्यमंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ओवैसी के घर जाकर उसका हाल चाल लेते हुए






आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, ओवैसी के घर जाकर उसका हाल चाल लेते हुए


आन्ध्र के रेवेन्यूमंत्री रघुवीर रेड्डी, ओवैसी के घर जाकर उसका हाल चाल लेते हुए


आन्ध्र प्रदेश विधानसभा के स्पीकर एन मनोहर, ओवैसी के घर जाकर उसका हाल चाल लेते हुए

स्पीकर मनोहर, ओवैसी के घर नाश्ता करते हुए

स्पीकर खुद सहारा देकर ओवैसी को घर से बाहर ला रहे है

सोनिया गाँधी के निर्देश पर केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद ओवैसी के घर जाकर उसके स्वस्थ्य की जानकरी ली और सोनिया और राहुल को इस बारे मे रिपोर्ट दिया ..


मेरे हिंदू मित्रों, जागो और अपने जातिपाँति, ऊँचनीच आदि के भेदभाव भुलाकर संगठित हो जाओ | नही तो हिन्दुओ के लिए आने वाला कल बहुत ही भयानक होने वाला है |




यूपीए का सांसद असदुद्दीन ओबैसी

मित्रों, क्या भारत धर्मनिरपेक्ष है ? क्या भारत संयुक्तराष्ट्र के सिधांतों को मानता है ? क्या भारत मे हिंदू और मुस्लिम लोगो और उनके नेताओ के बीच भेदभाव नही किया जाता ? यदि हाँ तो फिर राहुल गाँधी का सबसे करीबी दोस्त और यूपीए का सांसद असदुद्दीन ओबैसी भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हमास और हिजबुल्लाह के खूखार कमांडरों के साथ बार बार मिलने लेबनान के बेरुत और दहिल्या शहर मे क्यों जाता है ?


लेबनान मे गृहयुद्ध प्रभावित एरिया का निरीक्षण करता ओबैसी

मित्रों, क्या भारत धर्मनिरपेक्ष है ? क्या भारत संयुक्तराष्ट्र के सिधांतों को मानता है ? क्या भारत मे हिंदू और मुस्लिम लोगो और उनके नेताओ के बीच भेदभाव नही किया जाता ? यदि हाँ तो फिर राहुल गाँधी का सबसे करीबी दोस्त और यूपीए का सांसद असदुद्दीन ओबैसी भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हमास और हिजबुल्लाह के खूखार कमांडरों के साथ बार बार मिलने लेबनान के बेरुत और दहिल्या शहर मे क्यों जाता है ?

मित्रों, इजराइली ख़ुफ़िया एजेन्सी मोसाद ने भारत सरकार को कई बार पत्र लिखकर कहा है कि आपका सांसद जो आपकी सरकार को समर्थन दे रहा है वो इजरायल मे आतंकवाद फैला रहा है और साथ ही भारत के गरीब मुस्लिम युवको का ब्रेनवाश करके उन्हें हमास और हिजबुल्लाह के लिए भर्ती करता है | लेकिन चूँकि भारत की कांग्रेस सरकार को सिर्फ हिंदू ही आतंकवादी नजर आते है इसलिए भारत सरकार ओबैसी को खुलेआम छुट दे दिया है |

मित्रों अभी कुछ दिन पहलेसंसद मे आसाम पर चर्चा के दौरान ओबैसी ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की उपस्थिति मे कहा कि "यदि भारत सरकार आसाम मे मुसलमानों का चाहे वो प्रवासी क्यों न हो ठीक ढंग से पुनर्वास नही करती और उन्हें उचित मुवावजा नही देती तो फिर भारत का मुसलमान इस देश की ईंट से ईंट बजा देंगे" लेकिन किसी भी कांग्रेसी सांसद ने ओबैसी के इस बयान की निंदा नही की | और तो और मीडिया ने भी इसको ब्रेकिंग न्यूज़ नही बताया सिर्फ टाइम्स नाउ ने ही इस खबर पर चर्चा की |

सबसे बड़ी चौकने वाला खुलासा ये है कि ओबैसी को डिप्लोमेटिक पासपोर्ट राहुल गाँधी की सिपारिश पर मिला था जबकि खुद आन्ध्रप्रदेश की कांग्रेस की ही सरकार की ख़ुफ़िया पुलिस ने ओबैसी को डिप्लोमेटिक पासपोर्ट न देने की रिपोर्ट भेजी थी लेकिन जब राहुल गाँधी ने इस मामले मे हस्तक्षेप किया जब जाकर विदेश मंत्रालय ने ओबैसी को बिना किसी योग्यता और अहर्ता के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट इस्शु कर दिया |

मित्रों, साधारण  पासपोर्ट का कलर नीला होता है बल्कि डिप्लोमेटिक पासपोर्ट का कलर मैरून होता है और डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखने वाले व्यक्ति की किसी भी हवाईअड्डे पर तलाशी नही होती और इन्हें "वीजा आन अराइवल" की भी सुविधा होती है और ये पासपोर्ट केवल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केबिनेट स्तर के मंत्री और राज्यों मे मुख्यमन्त्रियो और राजदूत तथा दूतावास मे सचिव स्तर के अधिकारियों  को ही इस्शु हो सकता है | 


मित्रों, हिजबुल्लाह आज विश्व का सबसे बड़ा आत्मघाती दस्ते वाला आतंकवादी संगठन है जो छोटे छोटे बच्चो को अपने आत्मघाती दस्ते मे भर्ती करता है | लेबनान पहले धर्मनिरपेक्ष देश था और वहाँ ४% हिंदू और १०% यहूदी  भी रहते थे | लेबनान जहां पहले ८०% ईसाई तथा अन्य धर्म और २०% मुस्लिम रहते थे और लेबनान विश्व का बहुत तेजी से तरक्की करता हुआ मुल्क था | और इसकी राजधानी बेरुत को विश्व का गोल्ड केपिटल कहा जाता था क्योकि बेरुत विश्व की सबसे बड़ी सोने की मण्डी थी | इतना ही नही खूबसूरत लेबनान मे कई हालीवुड और बोलिउड की फिल्मो की शूटिंग होती थी | रामानंद सागर ने सत्तर के दशक मे धर्मेन्द्र और माला सिन्हा को लेकर एक फिल्म बनाई थी जिसका नाम "आखें' उस फिल्म की 80% शूटिंग बेरुत मे हुई थी और कई गाने जैसे "मिलती है जिंदगी मे मोहब्बत कभी कभी" की शूटिंग भी बेरुत मे ही हुई |



लेकिन लेबनान की तरक्की और खुशहाली पर लेबनान  के मुस्लिम लीडरो ने ग्रहण लगा दिया |मस्जिदों मे और अपने सम्मेलनों के मुसलमानों को खूब बच्चे पैदा करके लेबनान पर क्ब्ज्जा करने की बाते करते थे | फिर धीरे धीरे लेबनान का जनसंख्या का संतुलन बिगड गया और फिर लेबनान 25 सालो से गृहयुद्ध की चपेट मे आ गया | आज लेबनान के दो हिस्से है उत्तरी लेबनान जिसमे ईसाई और अन्य धर्मो के लोग रहते है और दक्षिण लेबनान जहां मुस्लिम रहते है उसी तरह राजधानी बेरुत का भी दो अघोषित हिस्सा है जहां एक तरह ईसाई और दूसरी तरफ मुस्लिम रहते है |


मित्रों, जब भी कोई सांसद विदेश यात्रा करता है तो उसे लोकसभा अध्यक्ष की लिखित अनुमति लेनी पडती है भले ही वो उसकी निजी यात्रा ही क्यों न हो | एक आरटीआई के जबाब मे मीरा कुमार ने पहले बताया कि उनके पास ऐसी कोई फ़ाइल नही आई जिसमे ओबैसी ने लेबनान और सीरिया के यात्रा की अनुमति मांगी हो |


अब सवाल ये उठता है कि आखिर इतना घोर साम्प्रदायिकता फ़ैलाने वाला ओबैसी को कांग्रेस साम्प्रदायिक क्यों नही मानती ? 


मित्रों, कांग्रेस की नजर मे  सिर्फ भारत के हिंदू ही साम्प्रदायिक है | अगर कोई भारत मे हिंदू हित की बात करेगा तो वो घोर साम्प्रदायिक और राजनितिक रूप से अछूत बन जायेगा | पूरी मीडिया और कांग्रेस सहित कुछ तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अपनी दुकान चलाने वाली छोटी पार्टियां सब उसको साम्प्रदायिक घोषित कर देंगे | लेकिन यदि कोई सिर्फ मुस्लिम हित की ही बात करेगा तो वो धर्मनिरपेक्ष माना जायेगा | यहाँ मैंने "सिर्फ" इसलिए लिखा है क्योकि ओबैसी ने आजतक संसद मे सिर्फ मुस्लिम हित और मुस्लीमों के बारे मे ही मुद्दे उठाये है और सिर्फ मुस्लिम लोगो की ही मदद करते है यहाँ तक आसाम मे भी जो उन्होंने रिलीफ कैम्प लगाया उसके उपर लिख दिया " only for muslims" इन्होने सानिया मिर्जा को कई बार सम्मानित किया लेकिन जब एक पत्रकार ने इसने पूछा कि आप सानिया नेहवाल को कब सम्मानित करेंगे तो ये माइक फेक दिये |

मित्रों, आंध्रप्रदेश की कांग्रेस सरकार की ही आईबी हैदराबाद मे भडके कई दंगो के लिए ओबैसी बंधुओ को जिम्मेदार बताती है यहाँ तक की केन्द्र की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी कई बार गृहमंत्रालय को ओबैसी के संदिग्ध गतिबिधियों के बारे मे चेतावनी दी है | लेकिन सब बेकार |

सोचिये क्या राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी नरेंद्र मोदी या तोगड़िया या अशोक सिंघल जी के साथ फोटो खिचवा सकते है ? नही क्योकि ये लोग तो हिन्दुवादी है और भारत मे हिन्दुवादी होना सबसे बड़ा अपराध है |


लेकिन वहीराहुल गाँधी और सोनिया गाँधी ओबैसी के साथ कई कई घंटो तक बैठते है और उसके साथ फोटो खिचवाते है | क्योकि सोनिया ने जो काला कानून "साम्प्रदायिक हिंसा निवारण बिल" बनाया था उसके अनुसार तोसिर्फ हिंदू ही दंगाई होते है, हिंदू हिंसक होते है और हर बार सिर्फ हिंदू ही पहले दंगे भड़काते है |


मित्रों, सबसे बड़ा सवाल ये है कि भारत की मीडिया और कांग्रेस की हिन्दुओ के बारे मे इस दोगली मानसिकता का जिम्मेदार कौन है ? 

मित्रों, इसके जिम्मेदार हम सब हिंदू  खुद ही है | ये हम हिंदू ही है जो सब कुछ जानते समझते हुए भी जतिपति और दूसरे छोटे छोटे मुद्दों और कांग्रेस के द्वारा दिये गए झूठे लालचो और प्रलोभनों के बहकावे मे आकर इस कांग्रेस को वोट देकर इसे मजबूत करते है | हिंदू मित्रों, अपने बारे मे तो नही कम से कम पचास साल बाद आने वाली अपनी हिंदू पीढियों के बारे मे सोचो | जो हाल पाकिस्तान, सीरिया, लेबनान, इंडोनेशिया, फिलीपींस और भारत मे कश्मीर, केरल और आसाम मे हिन्दुओ के साथ हुआ है और जो आज हिंदू इन जगहों पर पर अत्याचार झेल रहे है वही आज के पचास सालो के बाद पूरे भारत मे झेलेंगे |

           

                     जय हिंद !!! जय भारत !!! वन्देमातरम !!

आयुर्वेदिक दोहे (कृपया आप लोग इसे कॉपी करके कही रख ले ताकि आगे काम आये )

1.जहाँ कहीं भी आपको,काँटा कोइ लग जाय। 
दूधी पीस लगाइये, काँटा बाहर आय।।

2.मिश्री कत्था तनिक सा,चूसें मुँह में डाल।
मुँह में छाले हों अगर,दूर होंय तत्काल।।

3.पौदीना औ इलायची, लीजै दो-दो ग्राम।
खायें उसे उबाल कर, उल्टी से आराम।।

4.छिलका लेंय इलायची,दो या तीन गिराम।
सिर दर्द मुँह सूजना, लगा होय आराम।।

5.अण्डी पत्ता वृंत पर, चुना तनिक मिलाय।
बार-बार तिल पर घिसे,तिल बाहर आ जाय।।

6.गाजर का रस पीजिये, आवश्कतानुसार।
सभी जगह उपलब्ध यह,दूर करे अतिसार।।

7.खट्टा दामिड़ रस, दही,गाजर शाक पकाय।
दूर करेगा अर्श को,जो भी इसको खाय।।

8.रस अनार की कली का,नाक बूँद दो डाल।
खून बहे जो नाक से, बंद होय तत्काल।।

9.भून मुनक्का शुद्ध घी,सैंधा नमक मिलाय।
चक्कर आना बंद हों,जो भी इसको खाय।।

10.मूली की शाखों का रस,ले निकाल सौ ग्राम।
तीन बार दिन में पियें, पथरी से आराम।।

11.दो चम्मच रस प्याज की,मिश्री सँग पी जाय।
पथरी केवल बीस दिन,में गल बाहर जाय।।

12.आधा कप अंगूर रस, केसर जरा मिलाय।
पथरी से आराम हो, रोगी प्रतिदिन खाय।।

13.सदा करेला रस पिये,सुबहा हो औ शाम।
दो चम्मच की मात्रा, पथरी से आराम।।

14.एक डेढ़ अनुपात कप, पालक रस चौलाइ।
चीनी सँग लें बीस दिन,पथरी दे न दिखाइ।।

15.खीरे का रस लीजिये,कुछ दिन तीस ग्राम।
लगातार सेवन करें, पथरी से आराम।।

16.बैगन भुर्ता बीज बिन,पन्द्रह दिन गर खाय।
गल-गल करके आपकी,पथरी बाहर आय।।

17.लेकर कुलथी दाल को,पतली मगर बनाय।
इसको नियमित खाय तो,पथरी बाहर आय।।

18.दामिड़(अनार) छिलका सुखाकर,पीसे चूर बनाय।
सुबह-शाम जल डाल कम, पी मुँह बदबू जाय।।

19. चूना घी और शहद को, ले सम भाग मिलाय।
बिच्छू को विष दूर हो, इसको यदि लगाय।।

20. गरम नीर को कीजिये, उसमें शहद मिलाय।
तीन बार दिन लीजिये, तो जुकाम मिट जाय।।

21. अदरक रस मधु(शहद) भाग सम, करें अगर उपयोग।
दूर आपसे होयगा, कफ औ खाँसी रोग।।

22. ताजे तुलसी-पत्र का, पीजे रस दस ग्राम।
पेट दर्द से पायँगे, कुछ पल का आराम।।

23.बहुत सहज उपचार है, यदि आग जल जाय।
मींगी पीस कपास की, फौरन जले लगाय।।

24.रुई जलाकर भस्म कर, वहाँ करें भुरकाव।
जल्दी ही आराम हो, होय जहाँ पर घाव।।

25.नीम-पत्र के चूर्ण मैं, अजवायन इक ग्राम।
गुण संग पीजै पेट के, कीड़ों से आराम।।

26.दो-दो चम्मच शहद औ, रस ले नीम का पात।
रोग पीलिया दूर हो, उठे पिये जो प्रात।।

27.मिश्री के संग पीजिये, रस ये पत्ते नीम।
पेंचिश के ये रोग में, काम न कोई हकीम।।

28.हरड बहेडा आँवला चौथी नीम गिलोय,
पंचम जीरा डालकर सुमिरन काया होय॥

29.सावन में गुड खावै, सो मौहर बराबर पावै॥

सुप्रीम कोर्ट का कांग्रेस को आदेश


भारत के इंजीनियरों खास कर सिविल इंजीनियरों के लिए  बहुत बड़ी खबर, बीजेपी सरकार के नदियों के जोडने की जिस महा परियोजना को कांग्रेस ने लागू करने से  मना कर दिया था, भारत की सुप्रीम कोर्ट ने उसे तुरंत बिना देरी किये चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आदेश दे दिया.

इससे ये साबित होता है की भारत में बेरोजगारी और गरीबी फैलाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की ही बनती है ...क्यों???? इसे पढ़कर जान  जायेंगे.....

१- जब भारत में सबसे ज्यादा बेरोजगारी थी , उस समय सत्ता बीजेपी के पास आयी थी और बीजेपी सरकार ने (१) महामार्गो के विस्तारीकरण, (२) हाऊसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा  और (३) भारत की प्रमुख नदियों को आपस में वैज्ञानिक तरीके से जोडने की महायोजना बनाकर विकास का खाका तैयार किया था जिसमे पहली दो परियोजनाओ पर अमल तो बीजेपी ने खुद किया लेकिन तीसरे महायोजना में विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट आनी बाकि थी की बीजेपी की सरकार को गिरा दिया गया और मिडिया ने विदेशी पैसे के मदद से बीजेपी को बदनाम कर दिया.

२-नदी को जोडने की यह महापरियोजना ५,००,००० करोड की थी और सरकार ने इसके लिए धन उपलब्ध करने की गारंटी भी दी  थी. इसमे धन की कोई बात ही नहीं थी, इसका अंदाजा इससे लगता है भारत की सरकार ने पिछले वित्तवर्ष में भारत की १२१ करोड जनता के लिए मात्र १,४०,००० करोड की सब्सिडी डी जबकि लुटेरी कंपनियों को हमारे टैक्स का ४, ६०,००० करोड सब्सिडी दे डाली, इसका जबाब लेने वाला कोई नहीं है, भारत की भांड मिडिया तो कांग्रेस और  विदेशी कंपनियों को पहले ही बिक चुकी है.

३-रही बात तकनीक की हमारे पास एल एंड टी जैसी  विश्व की सर्वश्रेष्ठ कम्पनिया  है जो हर प्रकार की इंजीनियरी में माहिर है. सिर्फ राजनैतिक इमानदारी और राष्ट्रवादी  कटिबद्धता की आवश्यकता है. भारत में अब इंजीनियरों की भी कमी नहीं है और हमारे पास आधुनिकतम तकनीकी के साथ साथ विश्वस्तरीय प्रबंधकों की कमी नहीं है, लेकिन हमारी वर्तमान सरकार हमारे टेक्नोक्रेट को पता नहीं क्यों महत्त्व नहीं देती है, टीम लीडर भी चाहिए तो विदेशी ही होना चाहिए, खैर.....

४-भारत सरकार के पैसे इधर उधर के ऐसे मदों में और ऐसे तरीके से खर्च किया जा रहे है, जिससे की आगे आने वाली सरकारे विद्रोह का सामना करने के लिए बाध्य हो जाये और वही लुट का ढर्रा कायम रखने के लिए मजबुर् हो. जैसे सिर्फ मनारेगा और मिड दे मील में ही १,००,००० करोड से ज्यादा का कोष हर साल खर्च हो जा रहा है लेकिन रिजल्ट क्या है, सिर्फ कमाई और लूट...जिससे पूंछो वही इसे बंद करके सीधे माँ बाप के खाते में पैसा डालने के लिए सुझाव देता है... यह देश की किस्मत है...मनारेगा की लूट कितनी हो रही है यह कांग्रेस के दिग्गजों को भी अंदाजा नहीं है...

५- लेकिन भारत के कुछ लाल है जिन्हें भारत की चिंता है जिसमे मुख्यन्यायाधीश कपाडिया जि भी शामिल है और उन्होंने नदी परियोजना को तुरंत चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आदेश दे दिया है, अब देखना हे की कांग्रेस के पास इसे न लागू करने के क्या क्या तर्क और बाकि हैं, कांग्रेस की सबसे बड़ी खासियत यह है की यह पार्टी बड़ी सुनियोजित तरीके से समय बरबाद करती है जो यह पिछले ६४ सालो से यही करती आयी है.

६- कांग्रेस  सरकार जहा सरकार के लिए पैसा कमा सकती है वहा उसे लुटा देती है जैसे १,७६,००० करोड और कमा सकते थे २जी में लेकिन उसे फ्री में बेच डाला. परन्तु जो चीजे बढ़िया क्वालिटी का सस्ते में खरीद सकते है वहा जनता का पैसा विदेशी कंपनियों को लुटा डालते है जसे (१)एअर इण्डिया के लिए ५०००० करोड का विमान का सौदा एक ही बार में कर डाला और इसमे २०००० करोड ज्यादा भुगतान हुआ, (२)  सेना के लिए १२६ युद्धक विमानो की निम्न श्रेणी ५२,००० करोड में लेने का सौदा  कर लिया है जिसे स्वयं अमेरिका के राष्ट्रपति ने कह दिया की ये विमान २५ करोड की कीमत के है. ज्ञात हो फ़्रांस के इन विमानों का भारत पहला खरीददार है, (३) इटली से १२ हेलीकाप्टर जिनकी कीमत २०-२५ करोड से ज्यादा नहीं होगी उसके लिए ३५०० करोड भुगतान करके अपना हिस्सा ले लिया गया और अब इटली की सरकार ने उस पर जांच बैठने की बात कही है (४) फ़्रांस की अरेवा कंपनी को १,००,००० करोड का ठेका परमाणु ऊर्जा का ऐसा प्लांट लगाने के लिए दे डाला है जो तकनीक पुर्री दुनिया में कही अपनाई ही नहीं गयी है और ऐसे ही ८ और प्लांट लगाने के फिराक में है, जबकि भारत को सूर्य ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जैतापुर -महाराष्ट्र  के इसी प्लांट को रुकवाने वाले किसानो को पुलिस ने गोलियों से भून डाला था. 

७-जहा भारत में पूंजी की कमी का बहाना बनाकर बेरोजगारों की फ़ौज खडी की जा रही है, वही भारत का पूरा पैसा विदेशी कम्पनिया अपने देश में ले जाकर ५ का पचीस वसूल करके अपने लोगो को रोजगार दे रही है, गुस्सा इसी बात की ज्यादा है की १४ घंटे काम करने वाले भारतीय बेरोजगार क्यों है जब की भारत में ही सबसे ज्यादा १२१ करोड ग्राहक भी हैं.

जो भी हो, २०१४ में हमारे भाइयो को एक खुशखबरी और मिलेगी की कांग्रेस सत्ताविहीन होकर समाप्त भी होने जा रही है. बहार हाल हम अब नदियों को जोडने की तैयारी शुरू कर दे, जिससे इस महान देश भारत का और विकास सुनिश्चित किया जा सके.

जय भारत
(अयोध्या से संजय कुमार मौर्य का लेख) 

सुप्रीम कोर्ट का कांग्रेस को आदेश


भारत के इंजीनियरों खास कर सिविल इंजीनियरों के लिए  बहुत बड़ी खबर, बीजेपी सरकार के नदियों के जोडने की जिस महा परियोजना को कांग्रेस ने लागू करने से  मना कर दिया था, भारत की सुप्रीम कोर्ट ने उसे तुरंत बिना देरी किये चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आदेश दे दिया.

इससे ये साबित होता है की भारत में बेरोजगारी और गरीबी फैलाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की ही बनती है ...क्यों???? इसे पढ़कर जान  जायेंगे.....

१- जब भारत में सबसे ज्यादा बेरोजगारी थी , उस समय सत्ता बीजेपी के पास आयी थी और बीजेपी सरकार ने (१) महामार्गो के विस्तारीकरण, (२) हाऊसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा  और (३) भारत की प्रमुख नदियों को आपस में वैज्ञानिक तरीके से जोडने की महायोजना बनाकर विकास का खाका तैयार किया था जिसमे पहली दो परियोजनाओ पर अमल तो बीजेपी ने खुद किया लेकिन तीसरे महायोजना में विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट आनी बाकि थी की बीजेपी की सरकार को गिरा दिया गया और मिडिया ने विदेशी पैसे के मदद से बीजेपी को बदनाम कर दिया.

२-नदी को जोडने की यह महापरियोजना ५,००,००० करोड की थी और सरकार ने इसके लिए धन उपलब्ध करने की गारंटी भी दी  थी. इसमे धन की कोई बात ही नहीं थी, इसका अंदाजा इससे लगता है भारत की सरकार ने पिछले वित्तवर्ष में भारत की १२१ करोड जनता के लिए मात्र १,४०,००० करोड की सब्सिडी डी जबकि लुटेरी कंपनियों को हमारे टैक्स का ४, ६०,००० करोड सब्सिडी दे डाली, इसका जबाब लेने वाला कोई नहीं है, भारत की भांड मिडिया तो कांग्रेस और  विदेशी कंपनियों को पहले ही बिक चुकी है.

३-रही बात तकनीक की हमारे पास एल एंड टी जैसी  विश्व की सर्वश्रेष्ठ कम्पनिया  है जो हर प्रकार की इंजीनियरी में माहिर है. सिर्फ राजनैतिक इमानदारी और राष्ट्रवादी  कटिबद्धता की आवश्यकता है. भारत में अब इंजीनियरों की भी कमी नहीं है और हमारे पास आधुनिकतम तकनीकी के साथ साथ विश्वस्तरीय प्रबंधकों की कमी नहीं है, लेकिन हमारी वर्तमान सरकार हमारे टेक्नोक्रेट को पता नहीं क्यों महत्त्व नहीं देती है, टीम लीडर भी चाहिए तो विदेशी ही होना चाहिए, खैर.....

४-भारत सरकार के पैसे इधर उधर के ऐसे मदों में और ऐसे तरीके से खर्च किया जा रहे है, जिससे की आगे आने वाली सरकारे विद्रोह का सामना करने के लिए बाध्य हो जाये और वही लुट का ढर्रा कायम रखने के लिए मजबुर् हो. जैसे सिर्फ मनारेगा और मिड दे मील में ही १,००,००० करोड से ज्यादा का कोष हर साल खर्च हो जा रहा है लेकिन रिजल्ट क्या है, सिर्फ कमाई और लूट...जिससे पूंछो वही इसे बंद करके सीधे माँ बाप के खाते में पैसा डालने के लिए सुझाव देता है... यह देश की किस्मत है...मनारेगा की लूट कितनी हो रही है यह कांग्रेस के दिग्गजों को भी अंदाजा नहीं है...

५- लेकिन भारत के कुछ लाल है जिन्हें भारत की चिंता है जिसमे मुख्यन्यायाधीश कपाडिया जि भी शामिल है और उन्होंने नदी परियोजना को तुरंत चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आदेश दे दिया है, अब देखना हे की कांग्रेस के पास इसे न लागू करने के क्या क्या तर्क और बाकि हैं, कांग्रेस की सबसे बड़ी खासियत यह है की यह पार्टी बड़ी सुनियोजित तरीके से समय बरबाद करती है जो यह पिछले ६४ सालो से यही करती आयी है.

६- कांग्रेस  सरकार जहा सरकार के लिए पैसा कमा सकती है वहा उसे लुटा देती है जैसे १,७६,००० करोड और कमा सकते थे २जी में लेकिन उसे फ्री में बेच डाला. परन्तु जो चीजे बढ़िया क्वालिटी का सस्ते में खरीद सकते है वहा जनता का पैसा विदेशी कंपनियों को लुटा डालते है जसे (१)एअर इण्डिया के लिए ५०००० करोड का विमान का सौदा एक ही बार में कर डाला और इसमे २०००० करोड ज्यादा भुगतान हुआ, (२)  सेना के लिए १२६ युद्धक विमानो की निम्न श्रेणी ५२,००० करोड में लेने का सौदा  कर लिया है जिसे स्वयं अमेरिका के राष्ट्रपति ने कह दिया की ये विमान २५ करोड की कीमत के है. ज्ञात हो फ़्रांस के इन विमानों का भारत पहला खरीददार है, (३) इटली से १२ हेलीकाप्टर जिनकी कीमत २०-२५ करोड से ज्यादा नहीं होगी उसके लिए ३५०० करोड भुगतान करके अपना हिस्सा ले लिया गया और अब इटली की सरकार ने उस पर जांच बैठने की बात कही है (४) फ़्रांस की अरेवा कंपनी को १,००,००० करोड का ठेका परमाणु ऊर्जा का ऐसा प्लांट लगाने के लिए दे डाला है जो तकनीक पुर्री दुनिया में कही अपनाई ही नहीं गयी है और ऐसे ही ८ और प्लांट लगाने के फिराक में है, जबकि भारत को सूर्य ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जैतापुर -महाराष्ट्र  के इसी प्लांट को रुकवाने वाले किसानो को पुलिस ने गोलियों से भून डाला था. 

७-जहा भारत में पूंजी की कमी का बहाना बनाकर बेरोजगारों की फ़ौज खडी की जा रही है, वही भारत का पूरा पैसा विदेशी कम्पनिया अपने देश में ले जाकर ५ का पचीस वसूल करके अपने लोगो को रोजगार दे रही है, गुस्सा इसी बात की ज्यादा है की १४ घंटे काम करने वाले भारतीय बेरोजगार क्यों है जब की भारत में ही सबसे ज्यादा १२१ करोड ग्राहक भी हैं.

जो भी हो, २०१४ में हमारे भाइयो को एक खुशखबरी और मिलेगी की कांग्रेस सत्ताविहीन होकर समाप्त भी होने जा रही है. बहार हाल हम अब नदियों को जोडने की तैयारी शुरू कर दे, जिससे इस महान देश भारत का और विकास सुनिश्चित किया जा सके.

जय भारत
(अयोध्या से संजय कुमार मौर्य का लेख) 

सोनिया गाँधी इतनी रहस्यमय क्यों ?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक बार फिर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को निशाने पर लिया है। संघ ने आरोप लगाया है कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने सार्वजनिक जीवन को लेकर बहुत अधिक रहस्यात्मक हैं। वह देश की जनता से तमाम तरह की जानकारियां छुपाती आ रही हैं। 

संघ ने आरोप लगाया कि तानाशाही और अलोकतांत्रिक मानसिकता की वजह से सोनिया जनता से अपना धर्म, बीमारी और इनकम टैक्स संबंधी जानकारी छुपाती रही हैं। आरएसएस का कहना है कि उन्होंने गैर-लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रीय सलाहाकार परिषद (एनएसी) जैसे समानांतर सत्ता का केन्द्र बनाया है। 

आरएसएस के हिन्दी और अंग्रेजी में छपने वाले मुखपत्रों 'पांचजन्य' व 'ऑर्गनाइजर' के ताजा अंकों में सोनिया पर ये आरोप लगाए गए हैं। 
पांचजन्य के संपादकीय में कहा गया है कि राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के जरिए सोनिया साम्प्रदायिक व लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक जैसे काले कानून का प्रारूप तैयार कराके विधायी प्रक्रिया में असंवैधानिक हस्तक्षेप करने जैसी हिमाकत कर रही हैं। 

इसमें सवाल किया गया है कि क्या देश कांग्रेस की जागीर है जो उसके राजनीतिक हितों, सत्ता स्वार्थों व मंसूबों के हिसाब से चलाया जाएगा? उधर ऑर्गनाइज़र के लेख में आरोप लगाया गया है कि सोनिया अपने सार्वजनिक जीवन को लेकर बहुत अधिक रहस्यात्मक हैं। 

इसमें कहा गया है, 'सोनिया गांधी ने पहले अपने धर्म को छिपाया, फिर संबंधियों को छिपाया और अब अपनी बीमारी को। वह लगातार इन सब जानकारियों को देश की जनता से छुपाती आ रही हैं।' 

लेख में कहा गया है कि इस छिपाने और गोपनीयता बरतने की कांग्रेस अध्यक्ष की आदत का सबसे ताजा उदाहरण पिछले दस साल की अपनी इनकम टैक्स की जानकारी देने से इनकार करना है। ऑर्गनाइजर में दावा किया गया है कि सोनिया ने प्रिवेसी और सिक्युरिटी के नाम पर उनके द्वारा पिछले 10 सालों में दिए गए इनकम टैक्स की जानकारी देने से इनकार कर दिया। 

इसमें कहा गया है कि इससे पहले उन्होंने अपने धर्म की जानकारी देने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि यह उनका निजी मामला है जिसे वह सार्वजनिक नहीं करना चाहेंगी। ऑर्गनाइजर ने कहा है कि सभी सरकारी कागजातों और फॉर्मों में यह जानकारी देना जरूरी होने के बावजूद सोनिया इससे बचती आईं। 

संघ ने दावा किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी शैक्षिक योग्यता को भी 'अति गोपनीय' बना कर छिपाया हुआ है। हाल ही में उनकी बीमारी और विदेश में इलाज के बारे में लेख में कहा गया है, 'सोनिया जब बीमार हुईं और सरकारी खर्चे पर इलाज के लिए विदेश गईं तो भी 'निजता का सम्मान' किए जाने के नाम पर उन्होंने बीमारी के बारे में देश को कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। 

इसमें कहा गया है कि अगर उनके इलाज पर सरकारी पैसा खर्च हुआ है तो देश की जनता को यह जानने का हक है कि इसमें कितना सार्वजनिक धन लगा और क्यों लगा? जनता को यह जानने का भी अधिकार है कि जिस बीमारी का इलाज कराने वह विदेश गईं, क्या उसके इलाज की सुविधा देश में नहीं थी?

क्या आप सेक्युलर है ? Are you a secularist? -2

केरल में विधायक, संसद और मंत्री अल्लाह,यीशु के नाम से सपथ लेते है | अगर हिंदू राम या कृष्ण के नाम से ले तो संबिधान के खिलाफ है ?

अरबी भाषा को प्रमोट करने के लिए सरकार पैसे खर्च कर रही है | लेकिन संस्कृत पर क्यों नही ? क्या अरबी भाषा, संस्कृत के तुलना में अधिक राष्ट्रीय है ?

IMTD Act क़ानूनी अधिकार से असम में बंगलादेशियो को भारत में बसने और नागरिक बनने का अधिकार देता है | तो जम्मू और कश्मीर में शेष भारतीय को बसने का अशिकर क्यों नही ? यह दोगली निति क्या है ?

जम्मू और कश्मीर कि जनसंख्या लगभग एक करोड है जिन्हें २४००० करोड रुपये कि सहायता दी गयी है | यानी कि पर हेड २४००० रुपये | जबकि शेष राज्यों को इनसे ५% कम कि सहायता दी जाती है |क्या यह राष्ट्र विरोशियो के लिए इनाम नही है ?

यदि पेंटिंग करना गैर- इस्लामिक है तो मुसलमानों ने एम् एफ हुसैन के खिलाफ कितने फतवे जारी किये गए थे ? क्या वो गैर- इस्लामिक कार्य नही किया था ?

यदि इस्लाम में गायन, संगीत और नृत्य गैर- इस्लामिक है ( क्योकि इस्लाम एक गंभीर धर्म है ) तो बहुत “खान” फिल्म में अभिनय करते है | इनके खिलाफ फतवा क्यों नही जारी किया गया ?

क्या आप को लगता है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश रहेगा यदि मुसलमानों का बहुमत हो जाय तो ?

हॉउस आफ कामंस, आस्ट्रेलिया संसद और ह्वाईट हॉउस आदि में जब दीपावली और जन्माष्टमी मनाया जाता है तो भारत के संसद में क्यों नही मनाया जाता है ? क्या हम संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया कि तुलना में अधिक धर्मनिरपेक्ष है ?

यदि सांप्रदायिक दंगे भारत में आर एस एस, विहिप, बजरंग दल आदि के कारन होता है तो “ पाकिस्तान, तुर्की, अफगानिस्तान, इंडोनेशिया, चेचन्या, चीन, रूस, ब्रिटेन, स्पेन, साईप्रस आदि में किसकी अजह से दंगे होते है ?” जब कि वहाँ पर आर एस एस / विहिप नही है |

एक पूर्व राष्ट्रपति, दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, साधुओ,और संतो द्वारा कांची के संकराचार्य कि गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया है | लेकिन मिडिया का कहना है कि “वहाँ बिलकुल कोई विरोध नही हुआ है”| क्या आप को लगता है कि केवल हिन्=हिंसा ही लोगो की [पीड़ा मापने का पैमाना है ?

क्या आप को विश्वास है कि इस्लाम और ईसाईयत को सर्वधर्म समभाव में विश्वास है ? यदि हाँ, तो धर्म रूपांतरण में विश्वास क्यों करते है ?

ईश्वर अल्लाह तेरे नाम – आप मुझे एक मुसलमान दिखाए जो इससे सहमत हो ?

क्या आप को नही लगता है कि “ सेक्युलर मुस्लिम एक मिथ्या नाम है ? एक व्यक्ति या तो सेक्युलर या मुसलमान हो सकता है, दोनों नही ? एक मुस्लिम ( जो केवल अल्लाह में विश्वास करता है) धर्म-निरपेक्ष(कई परमेश्वर में विश्वास) नही हो सकता है |

क्या आप जानते है कि “ तथाकथित धर्मनिरपेक्ष मौलाना वहीदुद्दीन, जब भारतीय सैनिक कारगिल में लड़ रहे थे तो, उनसे सैनिको के लिए प्रार्थना करने को कहा गया तो इंकार कर दिया ? क्योकि भारतीय सैनिक मुसलमानों से लड़ रहे थे ?” ( बाद में सोनिया और प्रियंका ने उसके अंतिम संस्कार में भाग ली थी )

संयुक्त राष्ट्र चार्टर का कहना है कि “ अल्पसंख्यक का मतलब पूरी आबादी का अधिक से अधिक १०% होता है | मुसलमान, जो लगाभाग १८% से ऊपर है को एक अल्पसंख्यक कैसे कहा जा सकता है ?

क्या आप को विश्वास है कि “कम्युनिस्टों को भारत से प्यार है ?”, जब कि वे स्वीकार करने से मना करते है कि १९६२ में चीन भारत पर हमलावर था ?

ये कैसे होता है कि “ एक मुस्लिम परिवार मुख्य रूप से हिंदू इलाके में शांति से रहता है, जबकि एक मुस्लिम बस्ती में एक हिंदू परिवार ऐसा करने में सक्षम नही है ?

मुस्लिम बहुत क्षेत्रो में ईसाई मिशिनारिज क्यों नही सामाजिक सेवाए शुरू कराती है ? क्योकि वहाँ निवेश पर पर्याप्त फल नहीं मिलेगा |

क्या आप जानते है कि “ भारत एक मात्र देश है जो खुले तौर पर बंगलादेश के घुसपैठियों को आमंत्रित किया है | बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सरकारों ने तत्काल उन्हें रासन कार्ड उपलब्ध कराके मतदाता बना दिया |”

दंगे शुक्रवार की नमाज के बाद ही ज्यादातर हुए है ( जैसे मरद, केरल) | क्या यह इमामों के ज्वलंत उपदेशो की वजह से नही है ?

सभी हिंदू बहुल क्षेत्र शांतिपूर्ण है, लेकिन सभी हिंदू अल्पसंख्यक क्षेत्र समस्याग्रस्त है – जम्मू और कश्मीर, उत्तर – पूर्वी भारत आदि | क्या आप इसकी व्याख्या कर सकते है कि ऐसा क्यों ?

एक विधायक, सी. पी. शाजी ने केरल विधानसभा में कहा कि “ वो हाथ काट दिया जायेगा, जो शरियत के एक अक्षर को छुयेगा” | क्या आप इससे सहमत है ?

क्या आप जानते है कि “भारत में अवैध रूप से आये मुस्लिम अप्रवाशी २५ लोकसभा और १२० विधानसभा सीटों के चुनाव में एक निर्णायक कारक बन गए है ? और वे एक विशेष पार्टी के लिए एकजुट हो के मतदान करते है – कंग्रस, राजद, सपा, एमएल, या साम्यवादी |”

एक पाकिस्तानी भारतीय हो सकता है ? जब वह जम्मू और कश्मीर के किसी एक लडकी से शादी कर ले, लेकिन इसके विपरीत जब वही लड़की भारत के किसी भी हिस्से के एक हिंदू से शादी करे तो वह जम्मू और कश्मीर की नागरिक नहीं हो सकते है, जम्मू और कश्मीर कि नागरिकाता खो देती है ? यह किस तरह का कानून है ?

अयोध्या मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद पूछताछ की लेकिन बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी या आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड से सवाल नही की? क्या यह सुप्रीम कोर्ट का दुहरा मापदंड नही है ?

जब आप नरेन्द्र मोदी जैसे लोगो से तुच्छ आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा मांग रहे है तो आप क्यों नही जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री से इस्तीफा माँगते है ? जहां पर हजारों सैनिक आतंकवादियों द्वारा मार दिए गए है और तो और ४ लाख हिन्दुओ का सफाया कर दिया गया है |

जम्मू और कश्मीर का पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला एक ईसाई से शादी किया और वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक हिंदू लडकी से शादी करके आनंदित थे, लेकिन जब उसकी बेटी एक हिंदू लड़के से शादी कर ली तो उसका परित्याग कर दिया गया | क्या यही धर्मनिरपेक्षता का पहचान है ?

कानून के अनुसार “ मानव अंगों को किसी भी पार्टी के चुनाव चिन्ह के रूप में नही लिया जा सकता है” तो कैसे कांग्रेस पार्टी को ‘हाथ’ का प्रतिक आवंटित किया गया है ? यह कानून के खिलाफ नही है ?

दिल्ली इमाम सैयद बुखारी के घोषणा थी कि तालिबान सभी मुसलमानों के लिए आदर्श है और ओसामा बिन लादेन नायक ? क्या आप इस धर्मनिरपेक्षता पर विचार करेंगे ?

जम्मू और कश्मीर के संसदीय चुनाव के लिए २ लाख हिंदू वयस्क मतदाता है | लेकिन विधानसभा के लिए नही ? क्यों ?

जम्मू और कश्मीर विधानसभा की अवधि ६ साल और अन्य राज्यों की ५ साल| क्यों ?

बंगलादेश में हिंदू लड़किया पीटी जाती है, उनके साथ गैंग रैप किया जाता है | प्रतिदिन मंदिरों को जलने या नष्ट करने कि खबरे पढैते होंगे | क्या हमारे धर्मनिरपेक्षतावादी और मानवाधिकारी कार्यकर्ताओ को इनके लिए आवाज़ नही उठानी चाहिए ? क्या सिर्फ मुसलमानों के लिए ही मानवाधिकार है ?

क्या आप जानते है कि “ इस्लाम राष्ट्रवाद और राष्ट्रिय सीमाओ में विश्वास नही करता है | यह पूरी दुनिया को इस्लाम के तहत दारुल हरब से दारुल इस्लाम तक लाना चाहते है ?”

क्यों मुस्लिम मस्जिद और मदरसे में जाते है न कि स्कूल और कालेज में ? क्या मदरसा भी वैज्ञानिक और इंजिनियर तैयार करता है ? ( सेक्युलर नेताओ द्वारा मुसलमानों को अलग से आरक्षण के लिए अपना सर पिटने के सन्दर्भ में )

मुहर्रम जुलूस हिंदू बाहुल्य क्षेत्रो से लाया जारहा है लेकिन हिंदू धार्मिक जुलूस मुस्लिम इलाको से अनुमति नही है क्यों ? क्या यह सम्रदायिक बटवारे को स्थायी नही करता है ?

क्या आपको लगता है कि नेहरू परिवार ही एक परिवार है जो आजादी के लिए लड़े या अन्य स्वतंत्रता सेनानियों क भी थे? जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, मदनलाल धींगरा ,वन्शिनाथान, चापेकर ब्रदर्स, वीर सावरकर, राज गुरु, सुभाष चंद्र बोस, उधम सिंह आदि |

मल्लापुरम ( केरल) में , एक डाक्टर ने पाया कि मुस्लिम महिलाओ कि तीन पीढियां बेटी-१३, माँ-२६ और दादी – ३९ सभी गर्भवती है तथा प्रसव के लिए भारती कराया | क्या आप को भी लगता है कि मुसलमानों के लिए परिवार नियोजन अनावश्यक है ?

रामायण के लेखक ऋषि वाल्मीकि एक डाकू थे, उसी तरह महाभारत के लेखक वेड व्यास एक मछुवारे थे | दोनों महाकाव्यो और लेखक हिन्दुओ द्वारा प्रतिष्ठित है | क्या अब भी लगता है कि हिंदू धर्म जातिवाद का समर्थन करता है ?

२००२ में कर्नाटक सरकार मंदिरों द्वारा प्राप्त ७२ करोड रुपयों में से ५० करोड मदरसों को, १० करोड चर्च को, १० करोड मंदिरों को दिया गया | मदरसो (आतंकवादी कारखाना ) और चर्चो के विकास के लिए हिन्दुओ का पैसा क्या देना चाहिए ?

जब अफगानिस्तान में तालिबान, बुद्ध प्रतिमा को ध्वस्त कर दिया, तो टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कि यह बाबरी मस्जिदके विध्वंस की प्रतिक्रिया में था. क्या आप टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा के इस औचित्य से सहमत? जैसे को तैसा के लिए ठीक है? तो फिर तुम क्यों गोधरा कांड की प्रतिक्रिया में गुजरात दंगों की आलोचना करते हो ?

पांडिचेरी में एक मुस्लिम को दफनाने से इनकार कर दिया गया था क्योंकि वह प्रभु मुरुगा के लिए एक मंदिर का निर्माण किया था क्या आप को भी लगता है कि "धर्म एक दूसरे से नफरत नहीं सिखाते हैं"?

१९८९ में कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में राजीव गाँधी ने घोषणा की कि “ अगर मिजोरम में कांग्रेस सत्ता में आई तो यहाँ बाईबल के अधर पर शिक्षाए दी जायेगी (?)” यदि यह सांप्रदायिक नही है तो क्या है ?

वर्ल्ड मुस्लिम अल्पसंख्य समुदाय के अध्यक्ष, कुवैत के शेख अल सईद युसूफ सयेद हासिम रिफाई को केरल में बिना वीजा के आने कि अनुमति दी गयी थी और उन्हें गिर्गिराफ्तर नही किया गया बल्कि केरल सर्कार के सरकारी दामाद की तरह खातिरदारी कि गयी और लेजाने लाने के लिए सरकारी कार कि व्यवस्था कि गयी थी | क्या यह राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने वाला कार्य है ?

यदि ब्रिटेन और अमेरिका( एक धर्म निरपेक्ष देश) में एक से अधिक महिला से शादी करने कि अनुमति नही है तो क्या भारत में एक से अधिक औरतो से शादी करने कि अनुमति देनी चाहिए ?

पोप को भारत कि यात्रा को आमंत्रित किया गया था लेकिन नेपाल के राजा महेंद्र को नागपुर में १९६५ में मकरसंक्रांति समारोह में भाग लेने के लिए अनुमति नही दी गयी थी | क्या यही धर्म निरपेक्षता है ?

अशोक और कनिष्क अफगानिस्तान पर शासन किया. कंधारी जो की दुर्योधन की माँ, कंधार से आया है ( अब अफगानिस्तान में )| क्या आप मानते हैं कि अफगानिस्तान एकबार भारत का अभिन्न हिस्सा था?

त्रिपुरा में बैप्टिस्ट चर्च को न्यूजीलैंड से 60 साल पहले मिशनरियों द्वारा स्थापित किया गया था| क्या आपको लगता है कि चर्च राष्ट्रवाद को बढ़ावा देंगे?

पाकिस्तान में छात्रों को शुरू से ही सिखाया जाता है कि हिंदु हमारे दुश्मन हैं, हिंदू से मित्रता कभी नहीं किया जा सकता है काफिरो (हिंदुओं) को मार देना चाहिए. क्या आप को अब भी लगता है कि दोस्ती पाकिस्तान के साथ संभव है?

पाकिस्तान इस्लामी देश है,बायीं-पास सर्जरी या कैंसर के इलाज के लिए भारत आते है | पाकिस्तान कैसा एक देश है जिसके पास परमाणु विकशित करने की क्षमता है लेकिन एक अच्छे अस्पताल कि नही ?इसका मतलब है कि पाकिस्तानी सिर्फ ट्रिगर से खुश है विकास और स्वास्थ्य सीवाओ की कीमत पर |

कम्युनिस्ट नेता स्टालिन की बेटी, स्वेतलाना, दिनेश सिंह के भाई से शादी करने के लिए और भारत में बसने की कामना की| हमारे साम्यवादियों और इंदिरा गांधी ने इस का विरोध किया | वे अब कैसे एक इतालवी महिला का समर्थन करे ?

जब योगा संयुक्त राज्य अमेरिका में एक करोड़ों डॉलर का उद्योग है, हमारी सरकार क्यों अंधी बन गयी है इस तकनीक मानवविकास के लिए ? क्या इसलिए कि यह हिंदू संस्कृति का एक हिस्सा है ?

पूजा में 'संकल्प' "भारत वर्षे , भारत कंडे......... के साथ शुरू होता है ...". ये क्या हैं? क्या आप को अभी भी लगता है कि अध्यात्मवाद और राष्ट्रवाद अलग कर रहे हैं ? ये राष्ट्र की दो आंखें है?

अध्यात्मवाद और राष्ट्रवाद भारत में अविभाज्य हैं.क्या आपको नहीं लगता कि अध्यात्मवाद के बिना भारत बिना आत्मा के एक शरीर की तरह हो जाएगा?

हिंदू धर्म में आप को सुधारको कि संख्या बहुत मिल जायेगी | अन्य धर्मो में क्यों नही पाई जाती है ? क्या इन्हें सुधारने कि जरुरत नही है कि सुधारे हुए है ?